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सहारनपुर : प्रदेश में कई चीनी मिलें अब तक शत प्रतिशत गन्ना भुगतान करने में नाकाम साबित हुई है, वही दूसरी ओर देवबंद त्रिवेणी चीनी मिल ने पेराई सत्र खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर शत प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया। शत प्रतिशत भुगतान के चलते किसानों को काफी राहत मिली है। यूनिट हेड पुष्कर मिश्र ने कहा कि, गन्ना किसानों का भुगतान हमारी हमेशा से प्राथमिकता रही है। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान से किसानों में ख़ुशी का माहोल है। उन्होंने कहा कि, चीनी मिल 657.79 करोड़ रुपये का शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। अब चीनी मिल के पास पेराई सत्र 2024-25 का कोई भी बकाया भुगतान नहीं है। उन्होंने मिल का पेराई सत्र सफल करने के लिए किसान, मिल कर्मचारियों का धन्यवाद दिया है।

By Sugar Times Team

8 May 2025

सहारनपुर : प्रदेश में कई चीनी मिलें अब तक शत प्रतिशत गन्ना भुगतान करने में नाकाम साबित हुई है, वही दूसरी ओर देवबंद त्रिवेणी चीनी मिल ने पेराई सत्र खत्म होने के एक सप्ताह के भीतर शत प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया। शत प्रतिशत भुगतान के चलते किसानों को काफी राहत मिली है। यूनिट हेड पुष्कर मिश्र ने कहा कि, गन्ना किसानों का भुगतान हमारी हमेशा से प्राथमिकता रही है। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान से किसानों में ख़ुशी का माहोल है। उन्होंने कहा कि, चीनी मिल 657.79 करोड़ रुपये का शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है। अब चीनी मिल के पास पेराई सत्र 2024-25 का कोई भी बकाया भुगतान नहीं है। उन्होंने मिल का पेराई सत्र सफल करने के लिए किसान, मिल कर्मचारियों का धन्यवाद दिया है।

बुरहानपुर : गन्ना और चीनी उत्पादन में महाराष्ट्र काफी अग्रेसर राज्य है, और चीनी उद्योग ने प्रदेश के विकास में काफी अहम भूमिका निभाई है। लेकिन ऐसा होते हुए भी महाराष्ट्र के कई किसानों ने मध्य प्रदेश सरकार से गन्ना खरीदने में मदद करने की मांग की है। मध्य प्रदेश से सटे महाराष्ट्र के रावेर तालुका के किसान गन्ने की खेती करते हैं,लेकिन यहां की दो बड़ी चीनी मिलें बंद हो गई है, जिस कारण उनकी गन्ने की फसल बिक नहीं रही है। अब उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई है। किसानों ने गन्ने की फसल खरीदने, उचित दाम और बिना किसी दिक्कत के गन्ना ढुलाई मे मदद करने की मांग की है।

रावेर के किसान दिगंबर चौधरी ने कहा कि, हम कई वर्षों से गन्ना लगा रहे हैं,लेकिन हमारे रावेर और फैजपुर के शक्कर कारखाने बंद हो गए है। इसलिए अब हम बुरहानपुर के झिरी स्थित चीनी मिल में अपना गन्ना बेचना चाहते हैं। यहां पर हमारा गन्ना खरीदा जाए, अच्छा भाव मिले और सरकार हमको अनुदान भी दे। उन्होंने कहा, हमारे क्षेत्र में 500 से अधिक किसान हैं, जो गन्ना फसल लगाते हैं। ‘लोकल 18’ की टीम ने जब रावेर के किसान दिगंबर चौधरी से बात की तो उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि, हम भी गन्ना किसान हैं।हमको भी जो मध्य प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को राहत देती है, वह दी जाए। हम अपना गन्ना बुरहानपुर के चीनी मिल में बेचना चाहते है।महाराष्ट्र की फैक्ट्रियां बंद होने से यह समस्या उत्पन्न हो रही है।

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Sugar Times Team

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Published: 8 May 2025

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