संजीवनी उद्योग समूह के अध्यक्ष बिपिन कोल्हे के मार्गदर्शन में, सहकार महर्षि शंकरराव कोल्हे सहकारी चीनी मिल अहिल्यानगर उद्योग से जुड़े नए नए बदलावों को अपना रही है। फैक्ट्री ने महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके माध्यम से मिल के संचालन में उपग्रहों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाएगा। अध्यक्ष विवेक कोल्हे ने कहा है कि कोल्हे मिल देश की पहली ऐसी चीनी मिल है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य के पूर्व मंत्री शंकरराव कोल्हे ने चीनी उद्योग से जुड़े उन्नत तकनीक का अध्ययन करके देश के चीनी उद्योग को लगातार मार्गदर्शन किया। अब मिल ने सैटेलाइट के जरिए गन्ने के प्लॉट को मापने, मल्टीस्पेक्ट्रम कैमरे की मदद से खेत में खड़े गन्ने में चीनी की मात्रा / रिकवरी की जांच करने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के साथ एक समझौता किया है। उपग्रहों की मदद से मौसम संबंधी कारकों का भी अध्ययन किया जाता है। यह सारी जानकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके निकाली जाती है। कोल्हे ने कहा कि हर हफ्ते मिल की प्रयोगशाला में निष्कर्षों की दोबारा जांच की जाती है और गन्ना काटने का कार्यक्रम लागू किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप लागत में बचत करके 0.2 प्रतिशत अधिक चीनी रिकवरी हासिल की है।
एआई का इस्तेमाल करेगी कोल्हे चीनी मिल

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डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का समावेश
**कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने चीनी मिलों में एआई, रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस के महत्व पर जोर देते हुए इन्हें दक्षता बढ़ाने और लागत घटाने के लिए आवश्यक बताया।**

'युद्ध, मौसम और अपशिष्ट' की चुनौतियां....
**‘शुगर एनएक्सटी 2026’ में विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, वैश्विक तनाव और एथेनॉल लक्ष्यों से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए चीनी उद्योग के लिए तकनीक आधारित और टिकाऊ विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया।**

भारतीय चीनी उद्योग का भविष्य और डिजिटल क्रांति..
**नई दिल्ली में आयोजित ‘शुगर एनएक्सटी’ कॉन्क्लेव 2026 में चीनी उद्योग के डिजिटल परिवर्तन, एथेनॉल, बायो-एनर्जी और एआई आधारित तकनीकों पर जोर दिया गया। सम्मेलन में 3,600 से अधिक प्रतिभागियों वाले हैकाथॉन के विजेता नवाचारों को भी सम्मानित किया गया।**
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