मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से समृद्ध और सम्मानित राज्य का निर्माण किया जाएगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 13 नवम्बर, 2025 को लखनऊ में ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देश की कृषि योग्य भूमि में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत है। वहीं, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश का योगदान 21.58 प्रतिशत है। गेहूं, चावल, गन्ना और आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। बाजरा, मसूर, राई और सरसों में दूसरे और दलहन उत्पादन में चौथे स्थान पर है। इसके अलावा आलू उत्पादन 244.65 लाख मीट्रिक टन है, जो देश में 40.7 प्रतिशत योगदान करता है। वहीं, सब्जियों का उत्पादन 423.54 लाख मीट्रिक टन है जो देश में 19.3 प्रतिशत योगदान करता है। दूध उत्पादन 414 लाख मीट्रिक टन है जो देश में 16.2 प्रतिशत योगदान करता है। साथ ही मछली उत्पादन 1330 लाख मीट्रिक टन है जो देश में 8 प्रतिशत योगदान करता है।
खेती में आधुनिक मशीन का बढ़ेगा उपयोग
प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत को आधुनिक कृषि मशीनरी से पूर्ण किया जाएगा। वहीं, लगभग 75 प्रतिशत कृषि मशीनीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही एआई आधारित उपकरण, ट्रेंच प्लांटर्स और सटीक यंत्रों का उपयोग बढ़ेगा। जेंडर फ्रेंडली और कम लागत वाले कृषि यंत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा गन्ने में सहफसली खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा। गन्ने के साथ सरसों, धनिया, मसूर, उड़द और मूंग की सहफसली खेती लगभग 14.5 लाख हेक्टेयर में की जाएगी




