डॉ. प्रियंका सिंह उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर की सीनियर साइंटिस्ट डॉ. प्रियंका सिंह ने कहा कि 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि में एआई का उपयोग बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि गन्ने की खेती के लिए ‘शुगरकेन टास्कफोर्स’ का गठन किया जाए। उनके अनुसार, एआई तकनीक मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकती है और पानी व खाद के अत्यधिक उपयोग को रोक सकती है। उन्होंने कहा कि हर किसान तक यह टेक्नोलॉजी पहुंचनी चाहिए ताकि उत्पादकता बढ़ सके। डॉ. प्रियंका ने रासायनिक खाद के साथ जैविक और कार्बनिक खाद पर भी जोर देने की आवश्यकता बताई और कहा कि किसानों की समय-समय पर कैपेसिटी बिल्डिंग आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि शोध संस्थान, किसान और चीनी मिलें मिलकर काम करें ताकि बेहतर रिसर्च सामने आए।




