महिलाओं को गन्ना अर्थव्यवस्था से जोड़ने की पहल
गन्ना विभाग ने किया रूरल लाइवलीहुड मिशन के साथ समझौता
योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में महिलाओं को कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (ळझ्एRथ्श्) के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और उससे जुड़े वैल्यू एडिशन कार्यों में सक्रिय भागीदारी दिलाना है।
आधी आबादी की गन्ना क्षेत्र में बढ़ेगी भागीदारी
इस समझौते के बाद प्रदेश की बड़ी संख्या में महिलाएं गन्ना क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होंगी। इससे उन्हें रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का मानना है कि यदि महिलाओं को कृषि और कृषि आधारित उद्योगों से जोड़ा जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी मदद मिल सकती है।
गन्ने से जुड़े उत्पादों के निर्माण काप्रशिक्षण
गन्ना आयुक्त मिनिस्टी एस ने बताया कि इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। इसके तहत महिलाओं को केवल गन्ने की पौध तैयार करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें कई अन्य गतिविधियों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जैसे- गन्ना प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद निर्माण, गुड़ उत्पादन, अन्य वैल्यू एडेड उत्पाद तैयार करना। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
प्रदेश में गन्ना किसानों की स्थिति
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य माना जाता है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग ४७.५ लाख गन्ना किसान महिलाओं को गन्ना अर्थव्यवस्था से जोड़ने की पहल गन्ना विभाग ने किया रूरल लाइवलीहुड मिशन के साथ समझौता चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। इनमें लगभग २.९५ लाख महिला किसान भी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग ५७ हजार महिला किसान ३,००० से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गन्ने की उन्नतकिस्मों की पौध तैयार करने का कार्य कर रही हैं।
तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता
गन्ना आयुक्त के अनुसार महिलासमूहों को संगठित कर उन्हें कई प्रकार की मिनस्ती एस. सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें शामिल हैं: तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, विपणन (मार्वेâटिंग) सुविधा। इन उपायों से महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने में भी योगदान दे सकेंगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वैल्यू एडिशन के माध्यम से गन्ने से बनने वाले उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा। इससे किसानों और महिला समूहों दोनों कोआर्थिक लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गन्ना विभाग और ळझ्एRथ्श् के बीच हुआ यह समझौता महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि इस पहल कोप्रभावी तरीके से लागू किया जाता है तो इससे न केवल महिलाओं की आय बढ़ेगी बल्कि गन्ना उत्पादन प्रणाली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा और ग्रामीणविकास को नई गति मिलेगी।



