चीनी आधारित फीडस्टॉक की तुलना में पहली बार अनाज, खासकर मक्का से अधिक एथेनॉल उत्पादन हुआ है। जैव ईंधन के उत्पादन के लिए चीनी के उपयोग पर नियंत्रण के कारण हुआ है। लाइव मिंट में प्रकाशित खबर के मुताबिक मौजूदा एथेनॉल- आपूर्ति वर्ष (नवंबर 2023-अक्टूबर 2024) में अब तक अनाज आधारित एथेनॉल की हिस्सेदारी लगभग 51 प्रतिशत है। 9 जून तक, 357.12 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया गया है। जिसमे चीनी आधारित फीडस्टॉक गन्ने का रस, बी-हैवी मोलासेस और सी-हैवी मोलासेस से 175.74 करोड़ लीटर और अनाज आधारित फीडस्टॉक- भारतीय खाद्य निगम के पास उपलब्ध क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, अधिशेष चावल और मक्का से 181.38 करोड लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया गया है। अकेले मक्का ने 110.82 करोड़ लीटर का योगदान दिया है। देश ने आपूर्ति वर्ष 2022-23 में 1,350 करोड़ लीटर अक्षय ईंधन का उत्पादन किया, जिसमें से 37.4 प्रतिशत या 505 करोड़ लीटर अनाज से आया। भारत ने 9 जून तक पेट्रोल के साथ 12.7 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण हासिल कर लिया है, जबकि चालू वर्ष के लिए लक्ष्य 15 प्रतिशत है। सरकार ने ई-20 पेट्रोल लक्ष्य प्राप्त करने के लिए 2025-26 की समय सीमा तय की है।
चीनी की तुलना में मक्का से बना अधिक एथेनाल
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