डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का समावेश
कॉन्क्लेव के दौरान विशेषज्ञों ने चीनी मिलों के संचालन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग की भूमिका पर विशेष चर्चा की।
इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि विकास का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि मिलें कितनी कुशलता से अपने परिचालन को अनुकूलित करती हैं और डेटा के आधार पर वास्तविक समय में निर्णय लेती हैं।
'तकनीकी परिवर्तन अब एक विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता है। हमने इस कॉन्क्लेव में 'शुगर एनएक्सटी हैकाथॉन' को इसलिए जोड़ा ताकि युवा मस्तिष्क और स्टार्टअप्स चीनी उद्योग की पारंपरिक समस्याओं का आधुनिक समाधान निकाल सकें।
मिलों को अब 'रीयल-टाइम मॉनिटरिंग' और 'प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस' जैसी तकनीकों में निवेश करना चाहिए ताकि परिचालन लागत को कम किया जा सके और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिका जा सके।'



