Sugar Times
Breaking News
No breaking news at the moment

भारतीय चीनी उद्योग का भविष्य और डिजिटल क्रांति..

By Sugar Times Team

9 June 2026

भारतीय चीनी उद्योग का भविष्य और डिजिटल क्रांति..

भारतीय चीनी उद्योग का भविष्य और डिजिटल क्रांति…

नई दिल्ली के ताज महल होटल में ७ और ८ अप्रैल २०२६ को आयोजित 'शुगर एनएक्सटी' कॉन्क्लेव ने भारतीय चीनी उद्योग के लिए एक नए युग की आधारशिला रखी है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय तकनीकी महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य चीनी मिलों को केवल 'चीनी उत्पादक' से बदलकर 'सस्टेनेबल बायो-एनर्जी हब' के ऊश्प में स्थापित करना था।

भारतीय चीनी उद्योग का भविष्य और डिजिटल क्रांति

‘शुगर एनएक्सटी’ कॉन्क्लेव 2026

नई दिल्ली के ताज महल होटल में 7 और 8 अप्रैल 2026 को आयोजित ‘शुगर एनएक्सटी’ कॉन्क्लेव ने भारतीय चीनी उद्योग के लिए एक नए युग की आधारशिला रखी। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय तकनीकी महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य चीनी मिलों को केवल ‘चीनी उत्पादक’ से बदलकर ‘सस्टेनेबल बायो-एनर्जी हब’ के रूप में स्थापित करना था।

‘टेक्नोलॉजी, ट्रांसफॉर्मेशन और टुमारो’

कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चीनी उद्योग अब देश की खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा का भी एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

उन्होंने कहा, “चीनी उद्योग अब केवल एक कृषि-आधारित सेक्टर नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। सरकार का लक्ष्य चीनी मिलों को ‘मल्टी-प्रोडक्ट बायो-रिफाइनरियों’ के रूप में देखना है। ‘शुगर एनएक्सटी’ जैसे मंच यह सुनिश्चित करते हैं कि हम 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य की ओर न केवल बढ़ रहे हैं, बल्कि तकनीकी रूप से उसे सुदृढ़ भी बना रहे हैं। भविष्य में मिलों को अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स को प्राथमिकता देनी होगी।”

तकनीकी सत्रों के मुख्य बिंदु

ऊर्जा दक्षता

ऑटोमेशन और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्टीम और बिजली की खपत को कम करने पर जोर दिया गया।

शुगर रिकवरी

गन्ने के रस से चीनी निकालने की प्रक्रिया को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई, ताकि उत्पादन हानि को न्यूनतम किया जा सके।

अपशिष्ट प्रबंधन

वेस्टवाटर और प्रेस मड जैसे उप-उत्पादों का मूल्यवर्धन कर अतिरिक्त राजस्व सृजन के अवसरों पर विचार किया गया।

एथेनॉल और बायो-एनर्जी: आत्मनिर्भरता की ओर कदम

सम्मेलन में इस बात पर व्यापक चर्चा हुई कि भारत के एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम में चीनी उद्योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के अनुमानों के अनुसार भारत का कुल चीनी उत्पादन लगभग 320 लाख मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है, जिसमें से करीब 34 लाख टन चीनी को एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि वैश्विक चीनी कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए चीनी मिलों को एथेनॉल, कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहिए।

‘शुगर एनएक्सटी’ हैकाथॉन 2026: युवाओं की भागीदारी

इस आयोजन की एक प्रमुख उपलब्धि ‘शुगर एनएक्सटी’ हैकाथॉन का सफल समापन रहा। यह अपनी तरह की पहली पहल थी, जिसमें देशभर से 3,600 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए।

प्रतियोगिता में चयनित 8 विजेता टीमों को 2-2 लाख रुपये के पुरस्कार प्रदान किए गए। इन स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं ने गन्ना खेती, मिलिंग प्रक्रिया तथा सप्लाई चेन प्रबंधन से जुड़े नवीन तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।

विजेता समाधानों को ‘शुगर एनएक्सटी कॉन्क्लेव’ में प्रदर्शित किया गया, ताकि उन्हें उद्योग जगत से निवेश, सहयोग और व्यावसायिक अवसर प्राप्त हो सकें।

‘शुगर एनएक्सटी’ कॉन्क्लेव 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय चीनी उद्योग तेजी से डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा विविधीकरण और तकनीकी नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन उद्योग को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और उसे अधिक टिकाऊ, प्रतिस्पर्धी तथा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

Share this article
S
Sugar Times Team

http://sugartimes.co.in

Published: 9 June 2026

Covering India's sugar & bio-energy industry — market news, policy updates, and agricultural intelligence for the industry.

Leave a Reply

Log in to leave a comment.