केएम की डिस्टिलरी डिवीजन का होगा डिमर्जर
केएम शुगर ने अपनी कॉर्पोरेट पुनर्गठन योजना में एक अहम पड़ाव हासिल किया है। कंपनी को प्रस्तावित स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के पहले चरण (फर्स्ट मोशन एप्लिकेशन) के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की इलाहाबाद बेंच से मंजूरी मिल गई है। कंपनी को 24 मार्च 2026 का आदेश 27 मार्च 2026 को प्राप्त हुआ, जो उसके डिस्टिलरी डिवीजन के डिमर्जर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डिस्टिलरी डिवीजन के डिमर्जर की योजना
इस प्रस्तावित डिमर्जर का उद्देश्य कंपनी के दो अलग-अलग व्यवसायों को स्वतंत्र इकाइयों के रूप में विकसित करना है। कंपनी का डिस्टिलरी डिवीजन रेक्टिफाइड स्पिरिट, एथेनॉल, देशी शराब और एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) का उत्पादन और वितरण करता है।
यह इकाई पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुई है और इसके आगे भी बड़े विस्तार की संभावनाएं मानी जा रही हैं। इसलिए इसे अलग कंपनी के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
बैठक संचालन के लिए अधिकारियों की नियुक्ति
ट्रिब्यूनल ने इस प्रक्रिया के तहत कंपनी की बैठकों के संचालन के लिए कुछ अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। हरनाम सिंह ठाकुर को कॉमन चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। दीपेन्द्र मोहन को वैकल्पिक चेयरपर्सन बनाया गया है। अंकित कुमार सिंह को स्क्रूटिनाइज़र की जिम्मेदारी दी गई है।
इन बैठकों में शेयरधारकों और संबंधित पक्षों की राय ली जाएगी।



