एनएसआई के वैज्ञानिकों ने जीता इस्मा हैकाथॉन अवार्ड
भारतीय शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा 7 अप्रैल 2026 को आयोजित शुगर नेक्स्ट हैकाथॉन में राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर के वैज्ञानिकों को दोहरी सफलता मिली है। होटल ताज में हुए भव्य समारोह में एनएसआई की दो टीमों को दो-दो लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाजा गया।
पहली टीम के प्रोफेसर संजय चौहान और मोहित कुमार का पेपर ‘कन्वर्टिंग फ्लू गैस वेस्ट इन्टू प्रोसेस एनर्जी’ तथा दूसरी टीम के महेन्द्र कुमार यादव का ‘एडवांस्ड इको-फ्रेंडली हाइब्रिड प्रोसेस’ विषय श्रेष्ठ रहा। मुख्य अतिथि, सचिव, उपभोक्ता मामले विभाग ने पुरस्कार प्रदान किए।
देश के कोने-कोने से 3600 प्रतिभागियों ने 3600 आइडियाज प्रस्तुत किए। शॉर्टलिस्टिंग के बाद 16 टीमों ने ग्रैंड फिनाले में और 8 टीमों ने फाइनल में स्थान बनाया, जहां एनएसआई की प्रस्तुतियां अव्वल रहीं।
संस्थान की निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए संयुक्त सचिव (शर्करा) को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वर्चुअल मीटिंग्स से मिले प्रोत्साहन ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो शर्करा उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
प्रो. परोहा के अनुसार, संस्थान के अन्य वैज्ञानिक भी उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं, जिन्हें आगामी आयोजनों में प्रस्तुत किया जाएगा। यह सफलता पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने और शर्करा उद्योग में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



