वैज्ञानिक पद्धतियों से मिली गन्ना उत्पादन को नई दिशा
प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मंडलीय समीक्षा बैठक मेरठ में ३० मार्च को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर गन्ना आयुक्त (समितियां) एवं नोडल अधिकारी डॉ. वी.बी. सिंह ने की। इसमें बसंतकालीन गन्ना बुवाई सत्र २०२५-२६ की प्रगति तथा आगामी सत्र २०२६-२७ की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में माइक्रोप्लान की स्थिति, बीज आरक्षण व वितरण, क्षेत्रीय भ्रमण, गो.ि..यों की प्रगति और जनपदवार लक्ष्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि रोग एवं कीटों के प्रति संवेदनशील गन्ना किस्मों के स्थान पर उन्नत प्रजातियों का तेजी से विस्तार किया जाए। साथ ही किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से गन्ना उत्पादन को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने ड्रिप सिंचाई, मृदा परीक्षण, संतुलित पोषण प्रबंधन तथा यंत्रीकरण को अपनाने पर जोर दिया। किसानों से एफआईआरबी और ट्रेंच विधि से बुवाई करने की अपील भी की गई। बैठक में यह भी कहा गया कि गन्ना बुवाई में देरी रोकने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाई जाए। अधिकारियों को किसानों को जागऊश्क करने और नई तकनीकों से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि गन्ना उत्पादन को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।



