Saturday, April 13, 2024
ADVTspot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeIndustry & Updatesन आएगी कमजोरी न सताएगी डायबिटीज, जब खाएंगे एं गन्ने की खोई...

न आएगी कमजोरी न सताएगी डायबिटीज, जब खाएंगे एं गन्ने की खोई से बना ये बिस्किट

Healthy Biscuit Made from SugarcaneBaggase in National Sugar Institute- राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI) ने गन्नेकी खोई (Sugarcane Bagasse) और गुड़गु से एक बिस्किट (Biscuit) तैयार किया है, जो स्वादिष्ट होनेके साथ-साथ सेहत के खजानेसेभी भरपूर है। यह बिस्किट फाइबर, विटामिन व कैल्शियम की विशिष्टता को संजोए है और खोई के फाइबर ने उसे अधिक गुणगु कारी बना दिया है।

कानपुर. Healthy Biscuit Made from SugarcaneBaggase in National Sugar Institute. राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI) ने गन्नेकी खोई (Sugarcane Bagasse) और गुड़गु से एक बिस्किट (Biscuit) तैयार किया है, जो स्वादिष्ट होनेके साथ-साथ सेहत के खजानेसेभी भरपूर है।
यह बिस्किट फाइबर, विटामिन व कैल्शियम की विशिष्टता को संजोए है और खोई के फाइबर ने उसे अधिक गुणगु कारी बना दिया है। यह बिस्किट विटामिन सी और अन्य पौष्टिक तत्वों से भरपूर होनेके कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेमें सहायक है। बिस्किट के विभिन्न फ्लेवर हैंजो कि हर उम्र के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। संस्थान ने इसकी तकनीक को पेटेंट कराया है। अब इसकी तकनीक किसी कंपनी को देनेकी तैयारी हैताकि इसी साल बिस्किट बाजार में आ सकें।

चीनी की जगह गुण का इस्तेमाल गन्नेकी पेराई के बाद उसकी खोई बच जाती है। इसका निस्तारण चीनी मिलों के लिए बड़ी समस्या रहता है। दरअसल सीधेतौर पर इसका कोई उपयोग नहीं होता है। बाजार मेंबेचने पर एक सेडेढ़ रुपयेप्रति किलो ही कीमत मिलती है। खोई जलानेसेप्रदूषण होता है। इसको देखतेहुए एनएसआई के विशेषज्ञों ने किसानों और चीनी कारखानों को अतिरिक्त लाभ दिलानेके लिए अन्य सह उत्पाद विकसित किए हैं। यह बिस्किट फाइबर के रूप मेंतैयार किया गया है। संस्थान के निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन के अनुसार बिस्किट बनानेके लिए बेकिंग पाउडर, क्रीम, फैट आदि शामिल किया गया हैं। इसमेंकॉपर, विटामिन बी, सी और ई की मात्रा अधिक है। सेहत को ध्यान में रखतेहुए चीनी की जगह गुड़गु का इस्तेमाल किया गया है।
बता दें कि इससे पहलेभी राष्ट्रीय शर्करा संस्थान ने गन्नेकी खोई से कई अन्य चीजें बनाई हैं। संस्थान ने गन्नेकी खोई सेजैव-डिटर्जेंट विकसित करनेकी नई तकनीक भी बनाई है। इसका भी पेटेंट कराया है।

इसके अलावा कुर्सी, मेज, दरवाजे सहित अन्य फर्नीचर मेंभी इसका इस्तेमाल किया गया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com