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डालमिया चीनी मिल की जल संरक्षण की मुहिम

जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी से इन्सान के साथ साथ फ़सलों पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। ऐसे मे जल संरक्षण वक़्त की ज़रूरत बन गया है। मानसून का महिना शुरु हो गया है सभी को इन्तज़ार है बारिश का।

बारिश के इस जल के संग्रहण के लिए सरकार और संगठन तो काम कर ही रहे है लेकिन अब इस काम मैं चीनी उद्योग से जुड़े लोग भी आगे आ रहे है।

इस काम में आगे आ रहा है यूपी के सीतापुर स्थित डालमिया सुगर मिल प्रशासन। जवाहपुर गाँव स्थित इस सुगर मिल के सहायक कार्यपालक निदेशक टीएन सिंह ने स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक आयोजित कर किसानों और आम नागरिकों से गिरते भूजल के संरक्षण की अपील की है। चीनी मिल प्रशासन ने लोगों से कहा है कि इस बार बारिश की एक बूँद को सेहेजना है। डालमिया फाउंडेशन के जरिए आयोजित इस जन जागरुकता कार्यक्रम में रामकोट थाना क्षेत्र के काफ़ी ग्रामीणों ने भाग लिया और जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

डालमिया सुगर मिल के डीडीसीएम नायर ने कहा कि ये क्षेत्र गन्ना उत्पादक बैल्ट है यहाँ पर जिले में दो चीनी मिल है। गन्ना भी काफ़ी होता है इसलिए हम गन्ना किसानों के जागरुक कर रहे है कि पानी होगा तो फ़सले अच्छी होगी, फ़सले अच्छी होंगी तो उत्पादन बढ़ेगा और उत्पादन बढ़ने से किसानों को फ़ायदा होगा। हमने किसानों से छोटे छोटे तालाब बनाकर वर्षा जल को संग्रहित की पहल की है। इसके लिए डालमिया सुगर मिल द्वारा किसानों को वित्तीय मदद भी दी जाएगी। सीएसआर के तहत हो रहे जल संरक्षण अभियान में ग्रामीण भी अच्छी ख़ासी रुचि ले रहे है। नायर ने कहा कि इस क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पुराने और जीर्णशीर्ण हो चुके तालाबों का जीर्णोद्धार करने का भी हमने बीड़ा उठाया है। इस क्रम में पंचायत व प्रशासन के साथ मिल कर इन तालाबों की खुदायी की जा रही है। जल है तो कल है की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम की शुरुआत जिले के ग्राम गाजीपुर के एक तालाब की खुदाई व सौन्दर्यीकरण के साथ की गयी जिसमें डालमिया चीनी मिल प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर श्रमदान भी किया।

जल संरक्षण की इस मुहिम में प्रथम फ़ेज़ में क्षेत्र के 5 तालाबों की खुदाई का कार्य करने के अलावा तालाबों के पास छायादार पौधे लगाने की भी कार्य योजना है। इनमें गाजीपुर में 2 तालाब, लिलसी में 1 तालाब, पूरनपर व ढलिहा में 1-1 तालाब शामिल है।

डालमिया चीनी मिल प्रशासन के जल संरक्षण कार्यक्रम में ग़ाज़ीपुर के जन प्रतिनिधियों के अलावा किसान एवं जागरुक ग्रामवासियों ने भाग लिया और इस बार मानसून की बारिश की एक एक बूँद को संग्रहित करने का प्रण लिया।

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